मध्य प्रदेश

वर्तमान युग में भी प्रासंगिक हैं गीता के सार्थक संदेश एवं उपदेश – प्रभारी मंत्री श्री परमार

पन्ना एवं अजयगढ़ महाविद्यालय में आयोजित जन्माष्टमी पर्व कार्यक्रम. भगवान श्री कृष्ण के जीवन ने समाज को नई दिशा दिखाई है और मानवता को सत्य की विजय के रूप में रेखांकित किया है। वर्तमान युग में भी गीता के उपदेश एवं संदेश प्रासंगिक होने के साथ सार्थक एवं उपयोगी हैं। गीता से जीवन मूल्यों के साथ कर्म की राह पर चलने की प्रेरणा भी मिलती है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने यह बात शासकीय महाविद्यालय अजयगढ़ में जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित श्री कृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम में कही। उन्होंने उपस्थितजनों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं और कर्म की महत्ता का जिक्र करते हुए 5037 वर्ष पहले के घटनाक्रम को वर्तमान में भी सार्थक बताया।

प्रभारी मंत्री श्री परमार के प्रथम अजयगढ़ आगमन पर महाविद्यालय परिवार की ओर से आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री द्वारा महाविद्यालय के निरीक्षण में विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत बाउंड्रीवाल बनवाने सहित फर्नीचर की उपलब्धता, छात्र संख्या का परीक्षण कर स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू कराने और रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कहा। उन्होंने भरोसा दिया कि प्राध्यापक के नियमित पद पर भर्ती के बावजूद किसी भी अतिथि शिक्षक को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि अन्य महाविद्यालय में सेवा देने का अवसर मिलेगा। अजयगढ़ महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर वाणिज्य संकाय शुरू कराने की बात भी उन्होंने कही।

प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गरीब व्यक्तियों के कल्याण और सर्वहारा वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा महापुरुषों एवं उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य भी संचालित है। गुरु पूर्णिमा पर्व के माध्यम से गुरुओं के सम्मान की परंपरा भी शुरू को गई है। समाज को दिशा देने में गुरु का स्थान प्रथम है। इसलिए इनके प्रति आदर व सम्मान का भाव आवश्यक है। इससे विद्यार्थियों में बेहतर संस्कार की आदत विकसित होने के साथ ही गुरूजनों के प्रति सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अब प्रतिवर्ष दशहरा पर्व पर शस्त्र पूजन की परंपरा को सार्वजनिक किया गया है। हमने अपने जीवन मूल्यों की बदौलत आत्मरक्षा के लिए शस्त्र संचालन का ज्ञान प्राप्त किया है, लेकिन बगैर अन्याय के किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों को आधुनिक शिक्षा एवं सर्वसुविधायुक्त माहौल में अध्ययन के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों का भी निजी पब्लिक स्कूल की तर्ज पर पढ़ाई का सपना साकार हुआ है। इसी क्रम में हर जिले में बेहतर उच्च शिक्षा के लिए पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। प्रदेश में गुणवत्तापरक शिक्षा के जरिए मध्यप्रदेश को देश के अन्य राज्यों की बराबरी पर लाने का प्रयास है। नवीन शिक्षा नीति के तहत संदीपनि विद्यालय में नर्सरी की कक्षाएं भी प्रारंभ की गई हैं। इसके माध्यम से बच्चों को रटने की बजाय खेल-खेल में सीखने और ज्ञानार्जन का मौका मिलेगा। साथ ही बस्ते का बोझ एवं होमवर्क कार्यों से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षा नीति के मूलभूत सुधारों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके तहत अब महाविद्यालयों में किसी विद्यार्थी द्वारा बीएससी में प्रवेश लेने पर स्वेच्छा से कला एवं अन्य संकाय के विषयों का भी अध्ययन किया जा सकता है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा की नवीन नीति के तहत चरणवार कार्ययोजना के तहत आमूलचूल परिवर्तन का प्रयास है, जिससे छात्र-छात्राओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सके। इसके लिए कौशल विकास पर केंद्रित नवीन पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी की गई है। साथ ही स्नातक स्तर पर रिसर्च पर जोर दिया गया है। प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर देश के पारंपरिक ज्ञान कौशल का उल्लेख भी किया और कहा कि इसकी बदौलत भारत विश्व गुरु कहलाया। उन्होंने देश की मातृ भाषा के प्रति सम्मान की बात कही। इस दौरान विद्यार्थियों को हिंदी भाषा में मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रमों में अध्ययन के उपलब्ध अवसरों की जानकारी भी दी और कहा कि किसी भी क्षेत्र में कैरियर निर्माण के लिए भाषा कोई बाधक या समस्या नहीं है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र सभा में हिंदी में भाषण देकर विश्व में भारत का मान बढ़ाया गया था। इसी तर्ज पर वर्तमान प्रधानमंत्री भी वंदे मातरम के उद्घोष के साथ मातृ भाषा में भाषण की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा में व्यापक बदलाव की बदौलत वर्ष 2047 में आजादी के शताब्दी पर्व पर पुनः भारत के विश्व गुरु बनने की आशा व्यक्त की और कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के तहत भारत ने दुनिया को बाजार नहीं, बल्कि परिवार के रूप में मान्यता दी है। कोरोना काल में दुनिया के 80 देशों को वैक्सीन का निर्यात इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। प्रभारी मंत्री ने देश प्रदेश के विकास के लिए सबके योगदान की अपेक्षा की और पढ़ाई, परिश्रम तथा देश हित में काम करने का संकल्प दिलाया।

विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पन्ना में शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की और शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना व सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में उच्च शिक्षा में अध्ययन व अधिक छात्र संख्या के दृष्टिगत नवीन संकाय प्रारंभ करने के साथ सीट संख्या बढ़ाई जाना भी जरूरी है। यहां के गरीब परिवार के बच्चों ने भी कड़े परिश्रम की बदौलत अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन किया है। गत वर्ष भारतीय पुलिस सेवा में जिले के एक छात्र का चयन होना बड़ी उपलब्धि है। विधायक द्वारा प्रभारी मंत्री को जिले की खेल प्रतिभाओं और प्रत्येक क्षेत्र में कार्यरत जिले की प्रतिभाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।

प्रभारी मंत्री श्री परमार पन्ना के छत्रसाल शासकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधे रोपे। इसके पूर्व सर्किट हाउस पन्ना में जनप्रतिनिधियों एवं जनसामान्य से भेंट की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे एवं नगर पालिका अध्यक्ष मीना पाण्डेय व नगर परिषद अध्यक्ष सीता गुप्ता सहित कलेक्टर सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, बृजेन्द्र मिश्रा, सतानंद गौतम, महाविद्यालय प्राचार्य तथा शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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