मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश: सतना के मऊगंज में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले ASI को मिलेगा शहीद का दर्जा – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Madhya Pradesh: ASI who lost his life during duty in Mauganj, Satna will be given martyr status - Chief Minister Dr. Mohan Yadav

सतनाः मध्य प्रदेश के सतना जिले के पवैया गांव के रहने वाले एएसआई रामचरण गौतम मऊगंज में हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियों के हमले में शहीद हो गए. उनकी पार्थिव देह आज सतना स्थित उनके गृह ग्राम पहुंचा. जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. मुख्यमंत्री शहीद का दर्जा देने का ऐलान किया है. साथ ही उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने का भी ऐलान किया गया है.

परिजन और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. मामले को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में है. डीजीपी कैलाश मकवाना खुद घटना स्थल पहुंचे. जिस कमरे में आदिवासियों ने युवक को बंधक बनाया था. उनके साथ ही प्रभारी IG रीवा SP सहित मऊगंज कलेक्टर भी रहे हैं. उधर, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मऊगंज के गड़रा गांव में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले एएसआई (25वीं बटालियन) रामचरण गौतम को शहीद का दर्जा दिया जाएगा. साथ ही उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. सीएम ने कहा कि शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को सरकारी नौकरी में लिया जाएगा.

परिवार का एकमात्र सहारा थे एएसआई रामचरण
बता दें कि, एएसआई रामचरण गौतम 1984 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे. वर्तमान में वे रीवा जिले के शाहपुर में पदस्थ थे, लेकिन हिंसा के दौरान उनकी ड्यूटी मऊगंज में लगी थी. ड्यूटी के दौरान ही उपद्रवियों ने हमला कर दिया, जिसमें वे शहीद हो गए. रविवार को उनका गांव में ही अंतिम संस्कार हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद रहे. वीर जवान को अंतिम विदाई देने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी भी पहुंचीं. जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार के साथ सदैव साथ रहने की बात कही तो मंत्री ने कहा सरकार उनके सम्मान में कोई कोताही नहीं बरतेगा. वो देश के लिए शहीद हुए है उन्हें शहीद का ही दर्जा मिलेगा.

क्या था मऊगंज विवाद का कारण
बता दें कि, पूरा विवाद दो महीने पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है. उस दौरान एक रोड एक्सीडेंट में अशोक कोल नाम के युवक की मौत हो गई थी. जिसके बाद आदिवासी परिवार ने इसे हादसा न मानते हुए सनी द्विवेदी नाम के युवक पर हत्या का आरोप लगाया था. इसी रंजिश के चलते शनिवार शाम करीब 4 बजे आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी पिटाई की. मारपीट में सनी की मौत हो गई. युवक को बचाने पहुंची पुलिस पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया. जिसमें एसएएफ के एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई. जबकि अन्य 10 लोग घायल हुए हैं.

 

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