भोपाल: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिवस अवसर पर महिला मोर्चे ने स्थापित किया मॉं हीरा बेन सम्मान….
घरेलू सेवा कार्य कर बेटी को कंपनी सेक्रेटरी बनाने वाली श्रीमती ममता चौहान को भाजपा के प्रदेश महासचिव एवं विधायक श्री सबनानी करेंगे सम्मानित…
भोपाल, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिवस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा तात्याटोपे मंडल, भोपाल द्वारा मॉं हीरा बेन वार्षिक सम्मान स्थापित किया गया है। महिला मार्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती कविता जैन अनुरागी ने बताया कि, भाजपा के प्रदेश महासचिव श्री भगवान दास सबनानी जी की प्रेरणा से प्रतिवर्ष यह सम्मान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस 17 सितम्बर को समाज की एक ऐसी महिला को प्रदान किया जायेगा, जिन्होंने अपनी कर्मठता से अपनी संतान को उत्तम संस्कार और बेहतर भविष्य देने का कार्य किया हो।
मॉं हीराबेन सम्मान का प्रथम आयोजन बुधवार, 17 सितम्बर 2025 को शास्त्री नगर मुख्यमार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगढ में अपरांह 4 बजे आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव श्री भगवान दास सबनानी के द्वारा शास्त्री नगर के घरों में सेवा कार्य कर अपनी बिटिया को C. S. (कंपनी सेक्रेटरी) बनाने वाली श्रीमती ममता चौहान को ‘’मॉं हीरा बेन सम्मान 2025’’ से विभूषित किया जायेगा।
उक्त सम्मान में शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 2,100/- रूपये की सम्मान निधी महिला मोर्चा तात्या टोपे मंडल के द्वारा प्रदान की जायेगी। साथ ही श्रीमती ममता चौहान के सम्मान में मातृशक्ति का स्वल्पाहार कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। इस अवसर पर महिला मोर्चे की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और पार्षद श्रीमती ब्रजुला सचान, भाजपा तात्या टोप मंडल के अध्यक्ष श्री सोनू पालीवाल, महापौर परिषद के सदस्य और पार्षद श्री आर.के. सिंह बघेल, जोन अध्यक्ष तथा स्थानीय पार्षद श्रीमती आरती अनेजा, तात्या टोपे मंडल की समस्त बहनें और संगठन पदाधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि, शास्त्री नगर के घरों में झाडू-पोंछा व अन्य कार्य करने वाली श्रीमती ममता चौहान ने स्वयं मेहनत मजदूरी कर अपनी पुत्री कुमारी पायल चौहान को C. S. (कंपनी सेक्रेटरी) की परीक्षा उत्तीर्ण करने का हौंसला प्रदान किया है। एक लम्बे समय से ममता के पति एक्सीडेंट में शारीरिक रूप से अक्रियाशील होने के बाद से घर पर ही रहते हैं। ऐसी स्थिति में घर-परिवार का संचालन और बच्चों का लालन पोषण का दायित्व बहन ममता ही निर्वहन करती हैं।



