मध्य प्रदेश

भोपाल: कमला नेहरू संदीप कन्या विद्यालय में भव्य एलुमनाई मीट ‘प्लेटिनम जुबिली सेलिब्रेशन’ का आयोजन…

भोपाल, सं. प्रशांत झिलपे – रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को कमला नेहरू संदीप कन्या विद्यालय में विद्यालय की 70 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा के उपलक्ष्य में भव्य एलुमनाई मीट ‘प्लेटिनम जुबिली सेलिब्रेशन’ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यालय के 600 से अधिक पूर्व विद्यार्थी एवं पूर्व शिक्षक एकत्रित हुए। वर्षों बाद अपने विद्यालय की दहलीज पर लौटे इन एलुमनाई विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह, आत्मीयता और पुरानी यादों की चमक देखते ही बन रही थी। पूरा परिसर स्नेह, सम्मान और भावनाओं से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम में दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक  भगवानदास सबनानी जी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण धर्मेंद्र शर्मा जी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संगीता सक्सेना एवं कमला नेहरू गर्ल्स गिल्ड की कोर समिति की सदस्याओं ने अतिथियों एवं उपस्थित पूर्व शिक्षकों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा एवं उल्लास के साथ हुआ। कठपुतली नृत्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण आए, जब वर्षों बाद अपने गुरुजनों और सहपाठियों से मिलकर पूर्व विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं। किसी ने अपने बचपन की शरारतों को याद किया, तो किसी ने कक्षा में बिताए पलों, प्रार्थना सभा, विद्यालय के वार्षिकोत्सव और शिक्षकों के स्नेहिल मार्गदर्शन को साझा किया।

इस अवसर पर विद्यालय की पूर्व शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया। समारोह में उपस्थित पूर्व शिक्षिकाओं में श्रीमती आशा जादौन, श्रीमती शमीम अली, श्रीमती विनिया एकबोटे, श्रीमती इंदु वर्मा, श्रीमती कमल बघेल, श्रीमती वंदना श्रीवास्तव, श्रीमती अर्चना मुखर्जी, श्रीमती नुज़हत खान, श्रीमती मनोरमा शर्मा, श्रीमती मीनाक्षी पंत, श्रीमती रज़िया नूर, श्रीमती शकुन श्रीवास्तव, श्रीमती शीला श्रीवास्तव, श्रीमती सुषमा सरन, श्रीमती उषा मेहरा, श्रीमती ज्योति निगम, श्रीमती सुषमा हुक्कू, श्रीमती वीणा मिश्रा, श्रीमती मनोरमा श्रीवास्तव, श्रीमती प्रभा दुबे, श्रीमती सुधा दास, श्रीमती जज, श्रीमती कृष्णा श्रीवास्तव, श्रीमती साधना शुक्ला, श्रीमती भावना, श्रीमती नमजोशी, श्रीमती नादिरा हुसैन एवं श्रीमती वत्सला नायडू सहित पूर्व शिक्षक रमेश श्रीवास्तव एवं श्री जैन उपस्थित रहे।

अपने प्रिय गुरुजनों को वर्षों बाद सामने पाकर पूर्व विद्यार्थियों ने उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनके आशीर्वाद प्राप्त किए। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच वर्षों बाद भी वही आत्मीयता और सम्मान देखकर समारोह में उपस्थित हर व्यक्ति भावविभोर हो उठा। यह आयोजन केवल एक पुनर्मिलन नहीं, बल्कि उस अटूट गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव था, जो समय के साथ और भी सुदृढ़ होती जाती है।

समारोह का एक विशेष आकर्षण विद्यालय की उन पूर्व छात्राओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान स्थापित कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। इनमें श्रीमती मोनिका शुक्ला (एडीजी, ट्रैफिक), श्रीमती अंजू पवन भदौरिया (कलेक्टर, डिंडौरी), श्रीमती लतिका चौहान (डायरेक्टर, राजीव गांधी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स), श्रीमती कला मोहन (डायरेक्टर, निदान), श्रीमती लता मुंशी (प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना), श्रीमती प्रीति उपाध्याय (डायरेक्टर, तक्षशिला स्कूल), डॉ. गीता नायक (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, विक्रम विश्वविद्यालय) एवं श्रीमती अनीता मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष, लायंस मैजेस्टिक क्लब) प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

इन विशिष्ट पूर्व छात्राओं की उपलब्धियाँ विद्यालय की शैक्षणिक विरासत और यहां से प्राप्त संस्कारों की सशक्त गवाही देती हैं। उनकी सफलता ने वर्तमान छात्राओं के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पूर्व छात्राओं ने विद्यालय के प्रति अपने स्नेह और कृतज्ञता का अनूठा परिचय देते हुए स्कूल बैंड के लिए वाद्ययंत्र भेंट किए। उनका यह योगदान विद्यालय की भावी पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार है, जो संगीत, कला और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के साथ ही पूर्व छात्राओं और अपनी मातृसंस्था के बीच अटूट संबंधों को भी दर्शाता है।

मुख्य अतिथि भगवानदास सबनानी ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की 70 वर्षों की गौरवशाली यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की नींव रखते हैं। विद्यालय से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों का इस प्रकार एकत्रित होना संस्था के प्रति उनके गहरे लगाव और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने विद्यालय परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह का एक अन्य विशेष आकर्षण पूर्व विद्यार्थियों द्वारा अपने विद्यालय जीवन के अनुभवों को साझा करना रहा। किसी ने अपने पुराने मित्रों को वर्षों बाद गले लगाया, तो किसी ने अपने प्रिय शिक्षक के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पुराने समूह चित्रों और स्मृतियों को साझा करते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समय का पहिया पीछे घूम गया हो और सभी एक बार फिर अपने स्कूली दिनों में लौट आए हों। हंसी-ठिठोली, भावुक संस्मरण और आत्मीय संवादों ने इस मिलन को अविस्मरणीय बना दिया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संगीता सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय की वास्तविक उपलब्धि उसकी भव्य इमारत या शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हजारों विद्यार्थी हैं, जिन्होंने यहां से शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर अपने जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने सभी पूर्व शिक्षकों, विद्यार्थियों, अतिथियों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विद्यालय परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने, आपसी संबंधों को बनाए रखने और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संकल्प लिया।

‘प्लेटिनम जुबिली सेलिब्रेशन’ केवल 70 वर्षों का उत्सव नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच स्नेह, संस्कार और स्मृतियों के सेतु को पुनः जीवंत करने का एक अविस्मरणीय अवसर बन गया। ‘Generations Beyond Tomorrow’ की भावना को साकार करता यह आयोजन सभी के हृदय में सुनहरी यादें छोड़ गया।

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