भोपाल: मालिकाना दस्तावेज का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत, नितिन नवीन करेंगे शुभारंभ…

भोपाल/इंदौर, सं. प्रशांत झिलपे– इंदौर से शुरू हो रही स्वामित्व योजना की नई प्रक्रिया उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से अपनी जमीन और मकान पर रहने के बावजूद पक्के मालिकाना दस्तावेज का इंतजार कर रहे थे। दरअसल सरकार अब पहले से तैयार अधिकार अभिलेख के आधार पर पात्र लोगों को पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। बता दें कि पहले चरण में इंदौर और आसपास के करीब 30 हजार लोगों को इसका लाभ मिलने की तैयारी है।
दरअसल इस अभियान के तहत राज्यभर में पहले से तैयार रिकॉर्ड वाले पात्र लोगों की संपत्तियों का पंजीयन किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में लाभार्थियों से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।
बता दें कि स्वामित्व योजना के तहत पहले गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराया गया था और उसके आधार पर लोगों के संपत्ति अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार किया गया। वहीं अब उसी रिकॉर्ड में दर्ज पात्र संपत्तियों की पंजीकृत डीड देने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। पहले लोगों को सिर्फ अधिकार अभिलेख या प्रॉपर्टी कार्ड मिला था जबकि अब उन्हें कानूनी रूप से पंजीकृत दस्तावेज भी मिलेगा। सरकार के अनुसार प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पंजीयन पूरा किया जाएगा। पहले जहां इस प्रक्रिया में चार से पांच महीने तक लगने की बात कही जाती थी, वहीं अब इसे करीब एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनका नाम पहले से तैयार स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज है।



