भोपाल: पंजाबी समाज व्दारा राजधानी भोपाल में मनाया गया हर्ष और उल्लास के साथ लोहड़ी का त्योहार…

भोपाल, पंजाबी समाज ने राजधानी भोपाल में 13 जनवरी 2026 को पारंपरिक उल्लास और उत्साह के साथ लोहड़ी पर्व मनाया। यह पर्व सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशियों का प्रतीक माना जाता है। भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने अपने-अपने घरों एवं सामुदायिक स्थलों पर लोहड़ी की अग्नि प्रज्ज्वलित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया। पंजाब में लोहड़ी का त्योहार खुशी, स्नेह और भाईचारे का उत्सव है। यह त्योहार शाम को अग्नि प्रज्ज्वलन और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना के साथ मनाया गया।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पूरे हर्ष उल्लास के साथ लोहड़ी जलाई गई. महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी ने सज-धजकर त्योहार का तुल्फ उठाया. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोहड़ी सेलिब्रेशन की तस्वीरें सामने आई हैं, जो बहुत ही आकर्षक हैं. लोहड़ी पंजाबियों का खास पर्व है, जो पंजाब में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. देश के अन्य शहरों में जहां पर भी पंजाबी रहते हैं, वहां भी लोहड़ी की खास धूम देखने को मिली. यह त्यौहार फसलों के पकने की प्रसन्नता का प्रतीक है। लोग शाम को अलाव जलाते हैं, पारंपरिक गीत गाते हैं और परिवार तथा समाज के साथ प्रसन्नता के पल साझा करते हैं। यह त्यौहार आपसी प्रेम और एकता का संदेश भी देता है।
राजधानी भोपाल में कोलार सिक्स लेन रोड स्थित रहवासी कॉलोनी टयूलिप हाइट्स में भी बड़ी धूमधाम से लोहड़ी का पर्व मनाया गया, कॉलोनी स्थित पार्क में विशाल पंडाल लगाकर पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाकर यहां लोहड़ी पर मनाया गया जिसमें कॉलोनी के समस्त रहवासीगणो ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया एवं आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए लोहड़ी पर मनाया, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शमी पंजाबी ने बताया कि लोहड़ी पर्व के अवसर पर गोबर के कंडों से अग्नि जलाकर उसमें तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी और घी अर्पित किए गए। इसके साथ ही पारंपरिक पंजाबी गीतों पर नृत्य, भंगड़ा और गिद्दा का आयोजन किया गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। गार्डन में महिलाओं ने देर रात तक खूब मस्ती की और गानों पर डांस किया।
भोपाल में ईदगाह हिल्स, लालघाटी, पंजाबी बाग, शहंशाह गार्डन सहित शहर के अनेक क्षेत्रों में लोहड़ी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कई स्थानों पर सामूहिक आयोजन भी हुए, जहां सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आपसी भाईचारे, खुशहाली और संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व ‘लोहड़ी’ की शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की देशवासियों को शुभकामनाएँ दी हैं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि ये त्यौहार देश की समृद्ध कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना दर्शाते हैं। .राष्ट्रपति ने कहा कि ये अवसर देश के किसानों की कड़ी मेहनत और समर्पण को मान्यता प्रदान करने का अवसर हैं, जो राष्ट्र को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अथक परिश्रम करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले ये त्यौहार प्रकृति के प्रति सामूहिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि समाज में प्रेम और एकजुटता की भावना और अधिक मजबूत होगी।



