उज्जैन: कड़ाबीन के उद्घोष के साथ बाबा महाकाल की राजसी सवारी शुरू, महाकाल का प्रांगण स्वर्ग लोक जैसा – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

उज्जैन, कड़ाबीन के उद्घोष के साथ बाबा महाकाल की राजसी सवारी शुरू हुई, आज सवारी में छह मुखारविंद शामिल हैं। महाकाल की सवारी पर एक हेलिकॉप्टर से सवारी पर फूल बरसाए गए। महाकाल सवारी की सात किलोमीटर लंबे मार्ग में 10 ड्रोन से रजत पालकी पर पुष्पवर्षा की गई। महाकाल की सवारी में 70 भजन मंडलियों के साथ साधु-संत, पुलिस बैंड, महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी और पुरोहित भी साथ हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बाबा महाकाल का प्रांगण स्वर्ग लोक जैसा लग रहा है। मंदिर प्रशासन ने देशभर से 10 लाख भक्तों के आने की उम्मीद जताई है।
महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में भगवान महाकाल की छठी सवारी है। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट का मुखारविंद और रथ पर सप्तधान मुखारविंद शामिल है।
सवारी निकालने से पहले मंदिर में पूजन-अर्चन किया गया और मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पालकी में विराजमान भगवान महाकाल की पूजा की। महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए श्रद्धालु बारिश में भी पहुंचे, महाकाल की सवारी निकलने से पहले तेज बारिश हुई।
सवारी में सेल्फी लेने पर रोक.
सवारी के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम भी तैनात रहेगी। सेल्फी लेने पर रोक लगाई गई है।



