भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने भाजपा के पितृ पुरुष श्रद्धेय स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन…

श्रद्धेय स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे जी उच्च कोटि के कुशल संगठक थे*
*- ठाकरे जी का जीवन सादगी, अनुशासन, समर्पण और कार्यकर्ताओं के निर्माण का प्रेरणास्रोत है*
*- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भाजपा की विचारधारा का मूल आधार है – डॉ. मोहन यादव*
भोपाल, सं. प्रशांत झिलपे – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भाजपा के पितृ पुरुष एवं पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय ठाकरे जी उच्च कोटि के रणनीतिकार और कुशल संगठक थे। उनका जीवन सादगी, अनुशासन, समर्पण और कार्यकर्ताओं के निर्माण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संगठन में समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नई पौध तैयार की, साथ ही उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में संगठन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं संगठन सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की शक्ति माना और उन्हें संस्कारित एवं प्रशिक्षित कर राष्ट्रहित तथा समाजसेवा के लिए तैयार किया। उनके विचारों और संगठनात्मक कौशल का ही परिणाम है कि भारतीय जनता पार्टी आज देश के जन-जन तक पहुंचने वाला विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनी है। श्रद्धेय ठाकरे जी ने जिस विचार और संकल्प के साथ जनसंघ से भाजपा तक संगठन को मजबूत किया, उसे आगे बढ़ाना प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धेय ठाकरे जी की स्मृति में परिसर में ही आंवले का पौधा भी लगाया।
सनातन संस्कृति राष्ट्रहित और सर्वकल्याण की प्रेरणा देती है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति की स्वीकार्यता का मूल आधार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है। भगवान श्रीराम-श्रीकृष्ण हमारे आराध्य हैं और हमें अपनी सनातन संस्कृति पर गर्व है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत की महान परंपराओं, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़कर राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। सनातन संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने का संदेश देती है। सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और समाज के प्रत्येक वर्ग का कल्याण इसी संस्कृति का मूल भाव है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें त्याग, कर्तव्य, शिक्षा, पराक्रम और लोककल्याण की प्रेरणा निहित है। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण की। उनके जीवन से हमें शिक्षा और संस्कार के महत्व का संदेश मिलता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि अपने गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों का विकास किया जाए।
प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में विश्व में बढ़ा भारत का मान-सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज विश्व में नई शक्ति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है और दुनिया की आशाओं का केंद्र बन रहा है। भारत अपने हितों और भारतीयों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने तथा श्रीराम वन गमन पथ के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। जानापाव में भगवान श्रीकृष्ण को परशुराम जी द्वारा सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने की मान्यता से जुड़े देवस्थान के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी और जनसंघ के संस्थापक महापुरुषों ने जिस भारत की कल्पना की थी, वह आज साकार हो रही है। धारा-370 हटने जैसे ऐतिहासिक निर्णय और भारत की निरंतर बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा इसका प्रमाण है। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती पर हम सभी उनके सादगी, समर्पण, संगठन निष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें।
इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री व सांसद रजनीश अग्रवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व सांसद आलोक संजर, भोपाल जिला प्रभारी जसवंत सिंह हाड़ा, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



