मध्य प्रदेश

भोपाल:​ सनातन धर्म को मजबूत कर रहे किन्नर संत: डॉ. मृणालिनी नंद गिरी का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक

भोपाल, सं. प्रशांत झिलपे – पावन सावन महीने में गुरुग्राम की पवित्र धरती पर किन्नर अखाड़ा के तत्त्वावधान में एक भव्य और अलौकिक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और संरक्षण के संकल्प के साथ डॉ. मृणालिनी नंद गिरी का महामंडलेश्वर पद के लिए शास्त्रीय विधि-विधान से पट्टाभिषेक संपन्न हुआ।

​यह गरिमामय कार्यक्रम किन्नर अखाड़ा के संस्थापक श्री स्वामी दुर्गा दास जी एवं अनन्त श्री विभूषित आचार्य महामंडलेश्वर प्रो. (डॉ.) स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर के पीठों से पधारे संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।

सनातन धर्म का देश-विदेश में विस्तार: स्वामी दुर्गा दास

​पट्टाभिषेक समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं संतों को अपना आशीर्वाद देते हुए किन्नर अखाड़ा के संस्थापक श्री स्वामी दुर्गा दास जी ने कहा:

​”किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को देश और विदेश में धर्म की मुख्यधारा से जोड़ रहा है। हमारे किन्नर संत केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं कर रहे, बल्कि वे मठों और मंदिरों के कला-निर्माण एवं जीर्णोद्धार में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।”

​उन्होंने आगे कहा कि किन्नर संतों के इन निरंतर प्रयासों से सनातन धर्म के आधार को अभूतपूर्व मजबूती मिल रही है। डॉ. मृणालिनी नंद गिरी के महामंडलेश्वर बनने से अखाड़े के धार्मिक व सामाजिक कार्यों को नई गति मिलेगी।

वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ पट्टाभिषेक

​कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और धार्मिक परंपराओं के अनुसार डॉ. मृणालिनी नंद गिरी को तिलक, चादर और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर महामंडलेश्वर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नव-नियुक्त महामंडलेश्वर ने अपने संबोधन में कहा कि वे सनातन धर्म की मर्यादाओं का पालन करते हुए समाज सेवा और धर्म प्रचार के कार्यों में अपना जीवन समर्पित करेंगी।

देशभर से जुटे कई प्रमुख महामंडलेश्वर व संत

​इस ऐतिहासिक पट्टाभिषेक कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े की दिल्ली पीठ सहित विभिन्न पीठों से अनेक प्रमुख संतों और महंतों ने शिरकत की। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य संतों में शामिल रहे:

​महामंडलेश्वर कामिनीनंद गिरी

​महामंडलेश्वर मोहिनी नंदगिरी

​महामंडलेश्वर पुण्य नंदगिरी

​महामंडलेश्वर सोनाक्षी नंदगिरी

​महामंडलेश्वर भोली नंदगिरी

​महामंडलेश्वर सोनाली नंदगिरी

​मंडलेश्वर पूजा नंदीगिरी महामंडलेश्वर कालिंदी नंद गिरी

​महामंडलेश्वर श्रीजी नंद गिरी

​श्रीमंत किंजल पूर्व नंद गिरी

​श्री महंत धैर्यराज नंद गिरी

​अष्ट कौशल से केशव नंद गिरी

​श्रीमहंत कामेश बला नंद गिरी

​श्री महंत जयंती नंदीगिरी

सावन के पवित्र महीने में आयोजित यह समारोह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने समाज में बराबरी और समरसता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे और विश्व शांति की प्रार्थनाओं के साथ हुआ

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