उज्जैन का “त्रिनेत्र” मॉडल शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का बनेगा आधार

भोपाल
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में उज्जैन ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 2 दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में महाकालेश्वर मंदिर में लागू किए गए एआई-आधारित एकीकृत निगरानी तंत्र "त्रिनेत्र" (TRINETRA) को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत प्रतिष्ठित स्वर्ण (गोल्ड) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त किया। कलेक्टर रौशन कुमार ने उज्जैन जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन तथा सभी के सामूहिक प्रयास तथा निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया।
सम्मेलन के पहले दिन देश के विभिन्न राज्यों के जिला प्रशासनिक अधिकारियों एवं राज्यों ने अपने-अपने ई-गवर्नेंस नवाचारों का प्रदर्शन किया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड रौशन कुमार सिंह द्वारा "त्रिनेत्र" परियोजना का विस्तृत प्रेजेंटेशन किया गया, जिसे उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया।
सम्मेलन के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में तथा राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस दौरान महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, पलाश शर्मा, सचिन जैन एवं आईटी टीम उपस्थित रही।
उज्जैन का त्रिनेत्र मॉडल निगरानी व्यवस्था का आधार बनेगा
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, भारत सरकार और उज्जैन के "त्रिनेत्र" प्रोजेक्ट को अखिल भारतीय स्तर पर लागू करने के लिये शीघ्र ही एक एमओयू होगा। उज्जैन में विकसित इस स्वदेशी एआई मॉडल की सफलता एवं देशव्यापी अनुकरणीयता पर केंद्र सरकार की मुहर है — अब उज्जैन का "त्रिनेत्र" मॉडल देश के अन्य शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का आधार बनेगा। यह न केवल उज्जैन, अपितु संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।



