भोपाल: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण – मंत्री कृष्णा गौर

*- मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को किया संबोधित…
*- कांग्रेस का “नारी सम्मान” केवल नारा है, आचरण हमेशा महिला विरोधी रहा
*- कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों के कारण मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हुआ
*- कांग्रेस ने दो महिलाओं के साथ छल किया, एक तेलंगाना की कार्यकर्ता, दूसरी मीनाक्षी नटराजन
*- कांग्रेस नेताओं के षड्यंत्र के कारण निरस्त हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन-पत्र
*- कांग्रेस नेता नहीं चाहते थे कि एक महिला राज्यसभा पहुंचे, इसलिए षड्यंत्र कर जानकारी छिपाई
*- भाजपा हमेशा से निर्वाचन की संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करती आ रही है
भोपाल, विशेष संवाददाता अभय मरकले – मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी व उसके नेताओं की महिला विरोधी नीतियों के कारण मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हुआ। कांग्रेस नेता एक महिला को राज्यसभा नहीं जाने देना चाहते थे, इस कारण कांग्रेस नेताओं ने षड्यंत्रपूर्वक मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में सच को छिपाया, ताकि उनका नामांकन निरस्त हो सके। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण है। महिला सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस अपने गिरेबां में झांके। कांग्रेस ने अपनी पार्टी की ही एक नहीं दो महिला कार्यकर्ताओं के साथ छल किया है। पहली तेलंगाना की वह महिला है, जिसको कांग्रेस के एक नेता ने प्रताड़ित किया लेकिन तेलंगाना की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। तेलंगाना की उसी महिला ने मीनाक्षी नटराजन से शिकायत की थी, लेकिन मीनाक्षी ने भी महिला कार्यकर्ता को प्रताड़ित करने वाले कांग्रेस नेता पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उसी महिला की याचिका पर तेलंगाना की अदालत ने मीनाक्षी को भी आरोपी बनाया है। दूसरी महिला खुद मीनाक्षी नटराजन हैं, जिनका कांग्रेस नेताओं ने षड्यंत्रपूर्वक नामांकन निरस्त करा दिया। कांग्रेस नेता नहीं चाहते थे कि एक महिला राज्यसभा पहुंचे, इसलिए षड्यंत्र कर नटराजन के शपथ-पत्र में जानकारी छिपाई थी। भारतीय जनता पार्टी हमेशा से निर्वाचन की संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करती आ रही है।
मीनाक्षी का नामांकन निरस्त होने से कांग्रेस का महिला विरोधी चरित्र फिर आया सामने
मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने को कांग्रेस ‘नारी सम्मान‘ का मुद्दा बनाकर मध्यप्रदेश को बदनाम करना चाहती है। यह मामला महिला के साथ अन्याय का नहीं, बल्कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का है। यह मामला एक महिला नेत्री के द्वारा कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता के साथ हो रहे अपराधों पर चुप्पी साधने के बाद बनी स्थितियों का है। यह एक महिला प्रत्याशी को हराने के लिए मध्यप्रदेश के सभी कांग्रेस नेताओं के द्वारा किए गए षड्यंत्र का मामला है। तेलंगाना की एक महिला कार्यकर्ता द्वारा कांग्रेस के एक नेता पर शादी का झांसा देकर शोषण, ब्लैकमेल और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। महिला कार्यकर्ता को न्याय दिलाने की बजाय मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस नेता को संरक्षण देती रहीं। इसके बाद महिला न्यायालय पहुंची, और मीनाक्षी नटराजन भी अभियुक्त बनीं। नटराजन अगर यह कहती हैं कि उन्हें इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं हे, तो वह झूठ बोल रही हैं, क्योंकि 17 सितंबर 2025 को तेलंगाना की न्यायालय ने मीनाक्षी नटराजन कोे समन जारी किया था। नटराजन ने 24 अक्टूबर 2025 को न्यायालय में जवाब भी प्रस्तुत किया है। यही तथ्य मीनाक्षी ने राज्यसभा के अपने नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र में छिपाया गया था, जिसके कारण उनका नामांकन पत्र निरस्त हुआ है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा पहुंचें
मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के महिला विरोधी चरित्र के कारण ही मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हुआ है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा पहुंचें, इसलिए पूरा षड्यंत्र किया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा जाने से रोकने के साथ भाजपा पर मिथ्या व मनगढंत आरोप लगाकर हमारी पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं, इसलिए अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। जिस तरह से कांग्रेस के नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन में जानबूझकर जानकारी छिपाई, ताकि उनका नामांकन निरस्त हो सके, यह कांग्रेस के महिला विरोधी चरित्र को फिर उजागर करता है। जानबूझकर नामांकन में जानकारी छिपाना मध्यप्रदेश के कांग्रेस नेताओं का मीनाक्षी के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र है। मीनाक्षी नटराजन को राहुल गांधी ने उम्मीदवार बनाकर भेजा था, मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता नहीं चाहते थे कि मीनाक्षी नटराजन यानी एक महिला विजयी बनकर राज्यसभा पहुंचें, इसलिए षड्यंत्र पूर्वक जानकारी छिपाकर नटराजन का नामांकन कांगेेस नेताओं ने निरस्त कराया है। यही कांग्रेस का असली, चाल, चरित्र व चेहरा है।
भाजपा आधी आबादी का संबल बनी हुई है
मध्यप्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी महिलाओं के सम्मान व अधिकारों की बात नहीं की। देश की आधी आबादी के लिए कांग्रेस पार्टी ने कभी कुछ नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी देश की आधी आबादी का संबल बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज कर दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया है। प्रधानमंत्री जी ने देश की आधी आबादी को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने नारी शक्ति वंदन कानून लाए हैं। कांगेस पार्टी ने महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ने न पाए, इसलिए नारी शक्ति वंदन कानून का विरोध किया और उसे लागू नहीं होने दे रही है। झूठ और दिखावे की राजनीति अधिक समय तक नहीं चलती। कांग्रेस को नारी सम्मान पर राजनीतिक नाटक करने के बजाय देश और प्रदेश की महिलाओं को यह बताना चाहिए कि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई। यही कारण है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना केवल एक चुनावी घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस के दोहरे चरित्र, उसकी जवाबदेही और महिला सम्मान के प्रति उसके वास्तविक दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
इस अवसर पर पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. नंदिता पाठक, प्रदेश मंत्री सुश्री राजो मालवीय, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती मंजरी जैन, मीडिया पैनलिस्ट श्रीमती गुंजन चौकसे एवं श्रीमती नमिता अग्रवाल उपस्थित रहीं।
(आशीष उषा अग्रवाल)
प्रदेश मीडिया प्रभारी



