भोपाल: अपार आईडी (APAAR-ID) निर्माण के लिए विशेष अभियान प्रारंभ, प्रदेश के प्रत्येाक विद्यार्थी की होगी अपनी विशिष्टा अपार आई डी, समस्त शैक्षणिक रिकार्ड डिजिटल रूप से रहेंगे सुरक्षित…

भोपाल, सं. प्रशांत झिलपे – देश के प्रत्येसक विद्यार्थी के शैक्षणिक रिकार्डस को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार के द्वारा APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) की सुविधा प्रारंभ की गई है। उल्ले खनीय है कि, अपार आईडी 12 अंको की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जो छात्र के शैक्षणिक जीवन का पासपोर्ट जैसी होती है। यह विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकार्ड को एक जगह सुरक्षित रखती है। इसमें विद्यार्थी के समस्त शैक्षणिक रिकार्ड (मार्कशीट, डिग्री, खेल, एक्स्ट्रा करिकूलर, उपलब्धियां) को डिजिटली सुरक्षित रखा जाता है।
अपार आईडी क्याू है
अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस हेतु मध्यRप्रदेश में स्कूनल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्कू लों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
अपार आईडी निर्माण के लिए शाला के प्रधानाध्या पक उत्तेरदायी
विद्यार्थियों को अपार आईडी हेतु पंजीयन करने में कोई कठिनाई ना आये इस हेतु भारत सरकार के द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के आईडी पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय अथवा अशासकीय शाला के प्राचार्य/प्रधानाध्या पक को ही दिये गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्कू ल शिक्षा विभाग के द्वारा स्पष्टर किया गया है कि, शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए शाला के प्राचार्य ही उत्त रदायी होंगे।
प्रत्येक शनिवार स्कूिलों में होगा मेगा अपार दिवस का आयोजन
समस्त विद्यालयों में “मेगा APAAR दिवस” का आयोजन 30 जून 2026 तक, प्रत्येक शनिवार को किया जायेगा। इसी कडी में आज 6 जून को प्रत्येवक शनिवार को शालाओं में आयोजित प्रथम अपार दिवस के तहत बडी संख्या में विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ अपना अपार पंजीयन कराने के लिए पहॅुचे।
कहाँ बनवायें अपार आईडी
विद्यार्थी अपनी अपार आईडी बनवाने के लिए जिला स्तर पर निर्धारित मेगा दिवस स्थल, विकासखण्ड स्तर पर निर्धारित मेगा दिवस स्थल, अपने विद्यालय में निर्धारित मेगा दिवस स्थल पर जाकर संपर्क कर सकते हैं।
अपार आईडी के लाभ
जीवन भर एक ही शैक्षणिक पहचान, सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड एक जगह सुरक्षित, डिजिटल एवं पेपरलेस रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक, कभी भी, कहीं भी उपयोगी।
उल्लेेखनीय है कि, अपार आई डी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकार्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्ट्म है। अपार आईडी, छात्र वृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होती है।
उल्लेओखनीय है कि, विद्यार्थियों की अपार आई डी निर्मित करवाने के लिए आयुक्त लोक शिक्षण और संचालक राज्य, शिक्षा केन्द्र ने मई माह में संयुक्त हस्तांक्षर से सभी जिला कलेक्टभर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में APAAR आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है। स्कूतल शिक्षा विभाग के द्वारा जिले तथा विकासखंड-वार “APAAR आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्ध् कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्कूलल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आये। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्कूकल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।
प्रदेश में बनेंगी 1 करोड 39 लाख से अधिक स्कू ली विद्यार्थियों की अपार आईडी
स्कूेल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार शालेय विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण की जायेगी। जिनमें से अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। वहीं शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जायेगा। उल्ले3खनीय है कि, मध्ययप्रदेश शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12 तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्कूतलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्कूवलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।



