मध्य प्रदेश

भोपाल: मराठी साहित्य अकादमी द्वार मुख्यमंत्री निवास मे गुढी भेट एवं अभिनंदन समारोह आयोजित…

भोपाल, प्रशांत झिलपे – गुड़ी पड़वा पर्व को हिंदुओं का नववर्ष माना जाता है, मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर सृष्टि की उत्पत्ति हुई थी इसलिए इसे हिंदुओं के नववर्ष की तरह मनाते हैं।

हिंदू नव वर्ष आगमन पूर्व बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में मराठी साहित्य अकादमी द्वारा गुड़ी भेंट एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया. गुड़ी भेंट एवं अभिनंदन समारोह में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए मराठी समाज के साथ ही अन्य समाज के बंधुओं से आत्मीय संवाद कर मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए मराठी समाज के 11 प्रतिष्ठित संस्थाओं से प्राप्त गुड़ी के लिए मुख्यमंत्री ने हृदय से आभार व्यक्त किया.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मराठी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष संतोष गोडबोले, गिरीश जोशी, डॉक्टर अभिजीत देशमुख, श्रीमती स्वाति गोडबोले, विलास बुचके, महाजन जी एवं सारे मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पधारे भाई और बहनों का अभिवादन किया.

डॉक्टर यादव ने कहा कि यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि हमारे भारतवर्ष का नव वर्ष गुड़ी पाड़वा से प्रारंभ होता है ब्रह्मा ने सृष्टि का प्रारंभ का दिवस भी इसे बताया है, प्रकृति भी रंग बदलती है ऋतुओ में बसंत के साथ यह जो त्यौहार का आनंद बनता है. और दुनिया इसको अलग-अलग प्रकार से अलग-अलग प्रांतो में मानती हैं लेकिन इसकी भावना और चेतना एक ही है, और यह सभी इसी तिथि के आसपास ही मनाती है, और हमारे भारत का फसल चक्र भी यही है.

ऐसा माना जाता है दिन और रात की बराबरी के बाद नए साल से नया संकल्प लेकर सनातन संस्कृति की धारा और यह बनने वाली गुढी का आनंद महाराज शिवाजी से लेकर विक्रमादित्य तक शालीमार से लेकर भगवान राम कृष्ण तक हर युग में हर काल में हर सुबह अपने देश की ध्वजा ऐसे ही आनंद के साथ सराबोर होती जाएगी.

डॉक्टर यादव ने आगे कहा कि वैसे भी जन संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है और हमारे यहां तो ध्वज की परंपरा है और हमारी परंपरा को दुनिया भी मानती है इसलिए भगवान सबके साथ आनंद में डूबता है.

एक बार पुनः मै मराठी साहित्य अकादमी को इस आयोजन के लिए, और आयोजको सभी मराठी समाज और समस्त प्रदेशवासियो को हिन्दु नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button