मध्य प्रदेश

भोपाल: मध्‍यप्रदेश सरकार ने नहीं लगाया कोई कर,  खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

* खाद्य मंत्री बोले, रोलिंग बजट जैसे नवाचार से वित्‍तीय योजनायें अधिक पारदर्शी बनेगी.

भोपाल, प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्‍तुत बजट में इस बार कोई नया कर नहीं लगाया गया है। इससे जनता को बड़ी राहत मिलेगी। श्री राजपूत ने कहा कि इस बजट में मध्‍यप्रदेश सरकार ने गरीब कल्‍याण, युवा शक्ति,अन्‍नदाता, नारी शक्ति, अधोसंरचना और उद्योग पर फोकस किया है। इस बजट से प्रदेश के कृषि विकास औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विकास के संतुलित संयोजन से प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था को नई गति देने कि दिशा में एक महत्‍वपूर्ण पहल है । उन्‍होंने कहा कि बजट में सभी वर्गो के कल्‍याण के लिये समुचित प्रावधान किये है.

गरीब कल्‍याण

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि नये बजट में अंत्‍योदय की अवधारणा को साकार करने के लिये गरीब कल्‍याण की दिशा में सरकार ने अल्‍प आय तथा समाज की मुख्‍य धारा से पिछड़े हुये वर्ग के कल्‍याण के लिये ‘’धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्‍कर्ष अभियान’’ के तहत 793 करोड़ का प्रावधान किया है । सरदार पटेल कोचिंग योजना के तहत 4000 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्‍य है। वहीं विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्‍कड़ समुदाय को समाज की मुख्‍य धारा से जोड़ने के लिये 1 हजार 691 करोड़ का प्रावधान किया है जबकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिये 2857 करोड़ का प्रावधान है। इसके अलावा गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत विगत 2 वर्षो में 5 करोड़ 25 लाख हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ का 66 लाख 25 हजार मीट्रिक टन नि:शुल्‍क खाद्यान्‍न वितरण किया गया है। प्रदेश में पोषण के स्‍तर को बढ़ाने के लिये उचित मूल्‍य की दुकानों को जन पोषण केन्‍द्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत खाद्यान्‍न वितरण की पारदर्शी व्‍यवस्‍था के लिये लगभग 93 प्रतिशत हितग्राहियों का ई.केवायसी किया जा चुका है। प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिये छात्रावास का निर्माण योजना के तहत 1 हजार 235 करोड़ का प्रावधान किया है।

‘’युवा कल्‍याण’’

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि नये बजट में प्रदेश में गुणवत्‍ता पूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये शिक्षा संबंधी प्रमुख योजनाओं जैसे सांदीपनी विद्यालय 3 हजार 892 करोड़ साइकिल प्रदाय योजना के लिये 210 करोड़ पीएम श्री योजना में 530 करोड़ तथा नि:शुल्‍क पाठ्यपुस्‍तक योजना में 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छात्रवृत्ति की विभिन्‍न योजनाओं के लिये इस बार बजट में 986 करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाओं में खेल अभिरूचि को प्रोत्‍साहित करने के लिये प्रदेश में 4 हॉकी टर्फ तथा 30 खेल स्‍टेडियम निर्माणाधीन है। खेल एवं युवक कल्‍याण के क्षेत्र में 815 करोड़ का प्रावधान किया है।

‘’नारी कल्‍याण’’

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि नये बजट में सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिये अनेक प्रभावशाली नीतियां और योजनायें लागू की है। ‘’लाड़ली लक्ष्‍मी योजना 2.0’’ योजना में एक हजार 810 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार ‘’यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना’’ नाम से एक नई योजना प्रांरभ कर रही है जिसमें कक्षा 8 तक के प्रत्‍येक विद्यार्थियों को अतिरिक्‍त पोषण प्रदाय के उद्देश्‍य से टेट्रा पैक में दुग्‍ध प्रदान किया जायेगा। इस योजना के तहत 80 लाख विद्यार्थियों को दुग्‍ध पैकेट वितरित किये जाने का लक्ष्‍य है। इस योजना में 700 करोड़ का प्रावधान है। लाडली बहना योजना में 23 हजार 882 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत 3 सौ 86 करोड़ का प्रावधान किया है। कामकाजी महिलाओं के आवास सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु उज्‍जैन, धार, रायसेन, भिण्‍ड, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम एवं झाबुआ में सखी निवास का निर्माण करवा रही है। नारी कल्‍याण संबंधी विभिन्‍न योजनाओं के लिये इस बार 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

‘’अधोसंरचना विस्‍तार तथा संधारण’’ 

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि नये बजट में प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिये प्रदेश में उपलब्‍ध सिंचाई सुविधा को वर्ष 2029 तक 100 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया है। सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिये इस वर्ष 14 हजार 742 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश में लोक निर्माण से लोक कल्‍याण की दिशा में निरंतर बढ़ते हुये क्षतिग्रस्‍त पुलों के पुनर्निमाण योजना के तहत 12 हजार 690 करोड़, नल कूपों के अनुरक्षण के लिये 104 करोड़, ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के लिये 165 करोड़, पेयजल योजनाओं के लिये 53 करोड़, सिचाई एवं पेयजल योजनाओं के सौर ऊर्जीकरण के लिये 156 करोड़ तथा जल जीवन मिशन के लिये 4 हजार 454 करोड़ का प्रावधान है। ऊर्जा क्षेत्र के लिये इस बजट में 34 हजार 65 करोड़ का प्रावधान है।

‘’अन्‍नदाता कल्‍याण’’ 

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि नये बजट में मध्‍यप्रदेश कृषि उत्‍पादन तथा किसान कल्‍याण के लिये स्‍वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिये वर्ष 2026 को किसान कल्‍याण वर्ष घोषित किया है। सिचांई के लिये ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति के लिये प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना के तहत बजट में 3 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। सहकारी बैंकों के माध्‍यम से कृषकों को अल्‍पकालीन ऋण पर ब्‍याज अनुदान योजना के तहत 720 करोड़ का प्रावधान किया है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिये 145 करोड़ का प्रावधान किया है। जबकि कृषि एवं उससे जुड़े हुये क्षेत्रों के लिये 88 हजार 910 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं किसानों के लिये 1 लाख 15 हजार करोड़ के वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध होंगे।

 ‘’औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्‍साहन’’ 

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रदेश में 2 वर्षो में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये है जिसमें 8 लाख 63 हजार करोड़ के कार्य प्रारंभ हो चुके है। वर्तमान में 19 हजार 300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क वि‍कसित किये जा रहे है। वहीं 2 हजार 360 करोड़ की लागत से इंदौर, पीथमपुर इकानॉमिक कॉरिडोर का विकास उद्योग और निवेश को गति देने के लिये किया जा रहा है।

बुदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिये 1 हजार 500 एकड़ से अधिक भूमि पर सागर के औद्योगिक क्षेत्र ‘’मसवासी ग्रंट’’ के लिये विशेष औद्योगिक प्रोत्‍साहन पैकेज को मंजूरी दी गई है । देश में टेलीकॉम क्षेत्र को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिये ग्‍वालियर में टेलीकॉम मैन्‍युफैक्‍चरिंग जोन की स्‍थापना निर्माणाधीन है। प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण क्षेत्र में 5 हजार 957 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण विकास और अधोसंरचना पर विशेष बल देते हुये पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिये 40 हजार 62 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में समग्र विकास के लिये 23 हजार 747 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2028 में प्रस्‍तावित सिंहस्‍थ महा पर्व के लिये कर्तव्‍यनिष्‍ठ मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव के सक्षम और कुशल नेतृत्‍व में आयोजन को वैश्विक स्‍वरूप प्रदान करने के लिये 13 हजार 851 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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