भोपाल: तिरंगा यात्रा के तहत बी.एससी. कृषि छात्रों की अनोखी पहल — दालों से बनी तिरंगा रंगोली…

भोपाल, स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल में तिरंगा यात्रा के उत्सव के अंतर्गत बी.एससी. कृषि के छात्रों ने एक अनूठी तिरंगा रंगोली का निर्माण किया। यह रंगोली न केवल कलात्मक सौंदर्य का उदाहरण थी, बल्कि कृषि परंपरा और देशभक्ति की भावना का संगम भी थी।
रंगोली को तीन प्रकार की दालों — हरे मूंग, उड़द और मसूर — से तैयार किया गया, जो राष्ट्रीय ध्वज के हरे, सफेद और केसरिया रंग का प्रतिनिधित्व करती हैं। मध्य में अशोक चक्र को बारीकी से सजाकर रंगोली की शोभा बढ़ाई गई। दालों का चयन उनके प्राकृतिक रंगों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देश के अग्रणी दाल उत्पादक राज्य होने के गौरव को भी दर्शाता है।
इस पहल ने पोषण सुरक्षा, सतत खेती और कृषि में दालों के महत्व को रेखांकित किया। रंगोली को किसानों और कृषि श्रमिकों को समर्पित किया गया, जो देश की खाद्य आपूर्ति और अर्थव्यवस्था के आधारस्तंभ हैं।
इस अवसर पर संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल, कृषि विभाग के डॉ. अजय कुमार भारद्वाज, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग से डॉ. रुचिरा चौधरी, डॉ. हरि कृष्ण गर्ग, डॉ. ज्योति खरे, डॉ. प्रतिमा शर्मा, डॉ. सुभदा दीवान, डॉ. राहुल माईकल, डॉ. नलिनी सिंह तोमर तथा फॉरेंसिक विभाग से डॉ. अंजली आचार्य उपस्थित रहे।
संचालक डॉ. अग्रवाल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान के साथ कृषकों की अमूल्य भूमिका का उल्लेख किया। कार्यक्रम के पश्चात तिरंगा रैली भी निकाली गई। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शुभम मिश्रा ने प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम का संचालन बी.एससी. कृषि प्रथम वर्ष के छात्र शिव प्रसाद ने किया.
IEHE, भोपाल के बी.एससी. कृषि छात्रों द्वारा दालों से तैयार की गई अनूठी तिरंगा रंगोली, जो राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ मध्य प्रदेश की कृषि और दाल उत्पादन में अग्रणी भूमिका को दर्शाती है।



