प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने किया ग्राम जनवार में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ…

प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील.
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आज पन्ना विकासखण्ड के ग्राम जनवार पहुंचकर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य पोषित योजना अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण की प्रभारी मंत्री द्वारा सराहना की गई। उन्होंने कहा कि गैर परंपरागत खेती के इच्छुक कृषकों को आगे बढ़ाने का यह बढ़िया माध्यम है। नवीनतम तकनीक और नवाचार के जरिए यह प्रयास किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा। उन्होंने किसानों से उत्साहपूर्वक उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के प्रयास तथा इसके माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने की राह पर अग्रसर होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती में कम आय के कारण उद्यानिकी फसलों का उत्पादन करना किसानों के लिए लाभकारी है।
प्रभारी मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा भी किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए निर्धारित लक्ष्य और कार्ययोजना अनुसार कार्य किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों की पैदावार सहित प्राकृतिक और जैविक खेती का प्रयास भी इसमें शामिल है। इसके लिए अन्य ग्रामवासी भी आगे आएं। उन्होंने कहा कि खेती की पुरानी पद्धति में यूरिया और खाद का उपयोग खेत और फसल के लिए हानिकारक है। इससे छोटे बच्चों में बीमारी के साथ ही परिवार की कृषि से अर्जित आय बीमारी के उपचार में व्यय होती है। इसलिए रासायनिक खाद के उपयोग से बचें और विभिन्न तरीकों से निर्मित जैविक खाद के साथ कीट व्याधि से बचाव के लिए भी जैविक कीटनाशकों के उपयोग को प्रोत्साहन दें, जिससे नई पीढ़ी को बीमारियों से बचाव में मदद मिल सके।
प्रभारी मंत्री द्वारा पेस्टीसाइड सहित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने और पर्यावरण की रक्षा में योगदान की अपील की गई। उन्होंने कहा कि अच्छी खेती कर धरती माता के स्वास्थ्य की रक्षा भी करें। कृषकों से कृषि कार्य में नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने तथा इससे संबंधित योजनाओं का लाभ लेने की अपील भी की गई। उन्होंने कहा कि लोग स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं एवं सामग्री का उपयोग करें और स्वदेशी आंदोलन से जुड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी उन्होंने दी। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले अनुदान के बारे में भी अवगत कराया। प्रभारी मंत्री द्वारा ग्रामवासियों को बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के हितग्राहियों को चेक का वितरण किया गया। इसके अलावा सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना के तहत सामग्री व किट तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की योजना में 50 प्रतिशत अनुदान पर सामग्री भी वितरित की गई। उच्च शिक्षा मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आंवले का पौधा भी रोपा। कार्यक्रम स्थल पर उद्यानिकी विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। विभाग के सहायक संचालक पी.के. श्रीवास्तव ने विभागीय योजनाओं तथा क्लस्टर विकास योजना की जानकारी से अवगत कराया। साथ ही आदिवासी परिवारों द्वारा कम जमीन पर उन्नत खेती के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
कृषक लखनलाल कुशवाहा के खेत का किया भ्रमण
प्रभारी मंत्री ने उद्यानिकी कृषक लखनलाल कुशवाहा के खेत का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषक द्वारा अवगत कराया गया कि परंपरागत खेती के स्थान पर तीन पीढ़ियों से सब्जी एवं फल उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं से मिले लाभ के बारे में भी जानकारी दी। कृषक ने प्रभारी मंत्री को खीरे की टोकरी भी भेंट की और आत्मीय स्वागत भी किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने खीरे का स्वाद भी चखा। इस दौरान बृजेंद्र मिश्रा सहित कलेक्टर सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी, एसडीएम संजय नागवंशी सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। परियोजना अधिकारी संजय सिंह परिहार द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी संजीत बागरी ने आभार प्रदर्शन किया।



